ड्यूटी पर ‘रील’ बनाना पड़ेगा महंगा: रेलवे ने लागू किए सख्त नियम, उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई
- Dev Kumar
- Dec 13, 2025
- 2 min read
भारतीय रेलवे ने सोशल मीडिया के बढ़ते दखल और इससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब कोई भी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान रील, व्लॉग, ब्लॉग या किसी भी तरह का वीडियो कंटेंट नहीं बना सकेगा। आदेश का उल्लंघन करते ही तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सस्पेंशन तक शामिल है।

कोलकाता, प. बंगाल: भारतीय रेलवे ने ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया कंटेंट बनाने पर सख्त रोक लगा दी है। हाल के महीनों में कई कर्मचारी ट्रैक, यार्ड, स्टेशन और कंट्रोल रूम जैसी संवेदनशील जगहों पर रील और वीडियो बनाते पाए गए थे, जिनके वायरल होने से सुरक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक हो रही थी। रेलवे ने इसे सेवाकालीन आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए स्पष्ट किया है कि ड्यूटी टाइम में ब्लॉग, व्लॉग, रील या किसी भी तरह का वीडियो कंटेंट बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आदेश में यह भी कहा गया है कि संवेदनशील जगहों पर कैमरा ऑन करके कुछ भी रिकॉर्ड करना अब किसी भी हाल में मंजूर नहीं होगा।
नए निर्देशों के तहत कर्मचारियों को अपना मोबाइल फोन सिर्फ ब्रेक के दौरान और सीमित काम के लिए ही इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। ड्यूटी पर वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटो लेना, एडिटिंग करना या सोशल मीडिया पर कुछ भी अपलोड करना सख्ती से मना है। साथ ही सरकारी फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट का निजी सोशल मीडिया कार्यों के लिए इस्तेमाल करना भी गंभीर अपराध माना जाएगा। रेलवे का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य कंटेंट क्रिएशन को रोकना नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना है।
रायपुर डिवीजन में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद साउथ ईस्टर्न रेलवे जोन में इन नियमों को और कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया गया है कि वे कर्मचारियों पर सख्त निगरानी रखें और उल्लंघन की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करें। कई जगह औचक निरीक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं। नियम तोड़ने पर कर्मचारियों के खिलाफ सस्पेंशन, चार्जशीट, वेतन कटौती और सर्विस रिकॉर्ड में नकारात्मक टिप्पणी जैसी कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे का यह फैसला भले ही सख्त लगे, लेकिन सुरक्षा और संचालन की गंभीरता को देखते हुए इसे अनिवार्य बताया गया है।









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