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विश्व किडनी दिवस स्पेशल: चक्रधरपुर रेलमंडल के रेल कर्मियों में बढ़ रही किडनी बीमारी, कई कर्मचारी करा रहे डायलिसिस

  • Writer: RailMantra Bureau
    RailMantra Bureau
  • Mar 11
  • 2 min read

चक्रधरपुर, प. सिंहभूम: विश्व किडनी दिवस के अवसर पर आज हम चक्रधरपुर रेलमंडल में कार्यरत रेल कर्मियों के स्वास्थ्य से जुड़े एक गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिला रहे हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव भरी दिनचर्या के बीच लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, और इससे रेल कर्मचारी भी अछूते नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के अन्य रेल मंडलों की तरह चक्रधरपुर रेलमंडल में भी किडनी से पीड़ित रेल कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।


सूत्रों के अनुसार, रेलमंडल के विभिन्न रेलखंडों में कार्यरत करीब पांच दर्जन रेल कर्मचारी इन दिनों किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारियों को नियमित रूप से डायलिसिस भी कराना पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल बंडामुंडा रेलवे क्षेत्र में ही करीब एक दर्जन रेल कर्मचारी किडनी की समस्या से पीड़ित हैं और उनका भी डायलिसिस जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर रेल कर्मियों में किडनी से जुड़ी बीमारियां इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि अनियमित खान-पान, लगातार ड्यूटी का दबाव, पर्याप्त पानी नहीं पीना, समय पर स्वास्थ्य जांच न कराना और तनावपूर्ण कार्यशैली इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। विश्व किडनी दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य जांच से इस गंभीर बीमारी से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। रेल कर्मियों के बीच भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की बीमारियों को समय रहते रोका जा सके। ऐसे में वक्त आ गया है कि हर एक रेल कर्मी को इस बीमारी से बचने के लिए नियमों का अनुपालन करना पड़ेगा।

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